, Dec. 4 -- अस्सी के दशक में शशि कपूर ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया और फिल्म जूनून का निर्माण किया।इसके बाद उन्होंने कलयुग, 36 चौरंगी लेन, विजेता, उत्सव आदि फिल्मों का भी निर्माण किया।हालांकि ये फिल्म टिकट खिड़की पर ज्यादा सफल नहीं हुयी लेकिन इन फिल्मों को समीक्षकों ने काफी पसंद किया ।वर्ष 1991 में अपने मित्र अमिताभ बच्चन को लेकर उन्होंने अपनी महात्वाकांक्षी फिल्म .अजूबा .का निर्माण और निर्देशन किया लेकिन कमजोर पटकथा के अभाव में फिल्म टिकट खिड़की पर नाकामयाब साबित हुयी हालांकि यह फिल्म बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हुयी।
शशि कपूर के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और नंदा के के साथ काफी पसंद की गयी। इन सबके बीच शशि कपूर ने अपनी जोड़ी सुपर स्टार अमिताभ बच्चन के साथ भी बनायी और सफल रहे। यह जोड़ी सर्वप्रथम फिल्म दीवार में एक साथ दिखाई दी। बाद में इस जोड़ी ने इमान धर्म, त्रिशूल, शान, कभी कभी, रोटी कपड़ा और मकान, सुहाग, सिलसिला, नमक हलाल, काला पत्थर और अकेला में भी काम किया और दर्शको का मनोरंजन किया ।
नब्बे के दशक में स्वास्थ्य खराब रहने के कारण शशि कपूर ने फिल्मों में काम करना लगभग बंद कर दिया। वर्ष 1998 में प्रदर्शित फिल्म जिन्ना उनके सिने करियर की अंतिम फिल्म है, जिसमें उन्होंने सूत्रधार की भूमिका निभाई। शशि कपूर ने लगभग 200 फिल्मों में काम किया। शशि कपूर को वर्ष 2011 में पद्मभूषण और 2015 में फिल्म इंडस्ट्री के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के से नवाजा गया। चार दिसंबर 2017 को शशि कपूर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
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