मनेंद्रगढ़, जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन हुआ। इस आंदोलन की अगुआई कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सोमवार को आयोजित इस 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' के तहत पहले एक विशाल आम सभा हुई, जिसके बाद हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। सांसद महंत समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए सरकार की आलोचना की। प्रदर्शन के बाद मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
नेताओं ने मनरेगा में कथित लापरवाही, महंगाई, किसानों की समस्याओं, बढ़ते अपराध, दूषित पानी से हो रही मौतों और बिजली कटौती जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम जनता की बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा, "मनरेगा में बड़ी संख्या में महिलाओं को काम मिल जाता था, मनरेगा को बंद करके लोगों को खासतौर पर महिलाओं को बेरोजगार किया गया है। यह राज्य कृषि प्रधान है, लेकिन यहां किसानों को आत्महत्या की कोशिशें करनी पड़ रही हैं। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं।"ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिले के अपर कलेक्टर विनायक शर्मा ने मीडिया को बताया, "मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन को संबोधित करते हुए ज्ञापन दिया गया है। उचित माध्यम से यह ज्ञापन उन तक पहुंचाया जाएगा।" इस प्रदर्शन के साथ ही कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया है।
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