एमसीबी, दिसंबर 15 -- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा ग्राम कठौतिया स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।

सोमवार को जिला पीआरओ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि अगर बालक की आयु 21 वर्ष तथा बालिका की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने से पूर्व विवाह किया जाता है, तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। वक्ताओं ने विवाह की वैधानिक आयु, दंडात्मक प्रावधानों तथा समाज की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला और कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है।

जागरूकता सत्र में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि बाल विवाह, बाल श्रम, शोषण या किसी भी संकट की स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प के तहत उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ भी दिलाई गई।

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