मनेंद्रगढ़ , नवम्बर 17 -- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन कार्य की शुरुआत सोमवार को पारंपरिक पूजन-अर्चना और पूर्ण पारदर्शिता के साथ उत्साहपूर्वक हुई।
उपार्जन केंद्रों में सुबह से किसानों की उपस्थिति ने प्रशासन की सुदृढ़ तैयारियों और किसान हितैषी व्यवस्था पर विश्वास को दर्शाया। पहले ही दिन चार उपार्जन केंद्रों पर कुल छह किसानों द्वारा 231.25 क्विंटल धान विक्रय का प्रस्ताव आया था, लेकिन सॉफ्टवेयर के सोसायटी मॉड्यूल में तकनीकी त्रुटि के कारण एक किसान का डेटा प्रदर्शित न होने से कुल 212.05 क्विंटल धान की खरीद हुई। प्रशासन ने इस त्रुटि को तत्काल सुधारते हुए संबंधित किसान की खरीदी अगले कार्य दिवस में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में इस वर्ष उपार्जन प्रक्रिया को वैज्ञानिक, मानकीकृत और पारदर्शी प्रणाली पर संचालित किया गया है। सभी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, सटीक नाप-तौल, 40.600 किलोग्राम प्रति बोरी मानक वजन, पर्याप्त बारदाना, पेयजल, शेड, शौचालय, सुरक्षा तथा बेहतर ड्रेनेज सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। नमी जांच के लिए उच्च गुणवत्ता वाली मोइश्चराइज मशीनें स्थापित की गई हैं और अधिकतम 17 प्रतिशत नमी मानक का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपूर्ण धान उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध प्रणाली पर चलेगी। टोकन वितरण से लेकर तौल, परिवहन और भुगतान तक सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत होंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें खरीदी केंद्रों में लगातार तैनात रहेंगी ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पहले दिन की उत्साहपूर्ण शुरुआत और रिकॉर्ड सहभागिता यह संकेत देती है कि इस वर्ष जिले में धान उपार्जन प्रक्रिया बेहतर प्रबंधन, नई कार्यप्रणालियों और किसान हित में ऐतिहासिक उपलब्धियों की ओर अग्रसर है।
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