नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- देश में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के उद्येश्य से वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (एफआईयू-आईएनडी) और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने परस्पर सहयोग के लिए व्यापक करार किया है।

वित्त मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों एजेंसियां इस करार के तहत एक दूसरे के साथ सूचनाओं को साझा करेंगी और इस दिशा में परस्पर समन्वय का विस्तार करेंगी। करार पर एफआईयू-आईएनडी के निदेशक अमित मोहन गोविल और पीएफआरडीए के पूर्णकालिक सदस्य रणदीप सिंह जगपाल ने हस्तार किये। इस अवसर पर पीएफआरडीए के अध्यक्ष शिवसुब्रमणियन रामन उपस्थित थे।

इस समझौता ज्ञापन के आधार पर दोनों एजेंसियां को पेंशन विनियामक के विनियमन के तहत काम करने वाली या उसे रिपोर्ट देने वाली संस्थाओं के लिए मनी लांड्रिग रोधी प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा होगी। इसके तहत पीएफआरडीए विनियमित संस्थाओं की मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने (एएमएल/सीएफटी) क्षमताओं को उन्नत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विज्ञप्ति के अनुसार दोनों एजेंसियां (एफएयू और पीएफआरडीए) अपने कामों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूपता सुनिश्चित करेंगे और सूचनाओं के आदान-प्रदान और पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए त्रैमासिक बैठकें आयोजित करेंगी।

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