चंडीगढ़ , अक्टूबर 29 -- पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं चंडीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद मनीष तिवारी बुधवार को यहां मलोया स्थित एक छोले-भटूरे बेचने वाले की दुकान पर पहुंचे और वहां उन्होंने दुकानदार से बातचीत के दौरान पूछा कि नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उसे परेशान तो नहीं करते।
इस पर दुकानदार ने बताया कि उसके पास दुकान चलाने का लाइसेंस है।
यह देखकर वहां मौजूद लोगों ने कहा कि एक सांसद का लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनना बड़ी बात है। आमतौर पर सांसदों के पास लोगों से सीधे संवाद करने का समय नहीं होता, लेकिन श्री तिवारी के इस व्यवहार से लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब से श्री तिवारी चंडीगढ़ सीट से सांसद बने हैं, तब से वह लगातार जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। कई मौकों पर वह आम नागरिकों से मिलते और उनसे बातचीत करते हुए दिखाई देते हैं।
श्री तिवारी के समर्थकों का कहना है कि वह जमीन से जुड़े हुए एक नेता हैं, जो केवल मंचों से नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर संवाद करते हैं।
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एस एच लकी ने कहा, " हम एक कार्यक्रम के लिए मलोया गये थे। वहां पर एक व्यक्ति ने अपनी दुकान को बहुत सुंदर तरीके से सजाया हुआ था। उसी समय श्री तिवारी ने अपने सहयोगी से कहा कि इस दुकानदार से मुझे भेंट करनी है। उन्होंने तुरंत गाड़ी साइड में रुकवाई और वहां जाकर उस दुकानदार से मिले तथा उसकी परेशानियां सुनीं।"वहां मौजूद लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा ही जन-प्रतिनिधि चाहिए जो जनता की समस्याएं सुनने के लिए लोगों के बीच जाये। लोगों ने यह भी कहा कि इस सीट से इससे पहले की सांसद किरण खेर से आम लोगों का मुलाकात करना लगभग असंभव था, क्योंकि वे अक्सर अपने टीवी कार्यक्रमों में व्यस्त रहती थीं। श्री तिवारी ने लोगों के बीच जाकर संवाद की नयी परंपरा शुरू की है।
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