भिवानी , अप्रैल 24 -- हरियाणा में मनहेरू रेलवे स्टेशन के पास रेलवे विभाग द्वारा प्रस्तावित 23 एकड़कृषि भूमि के अधिग्रहण के विरोध में मनहेरू और गौरीपुर गांव के किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, वे किसी भी स्थिति में जमीन का कब्जा नहीं देंगे।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी भूमि पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया और रेलवे विभाग पर बिना अनुमति निशानदेही के पोल लगाने का आरोप लगाया। किसानों ने इस कार्रवाई को अवैध करार दिया।

प्रदर्शन में मनहेरू के सरपंच प्रदीप कुमार, गौरीपुर के सरपंच पुनीत सांगवान, समाजसेवी सतपाल उर्फ लाला, जिला पार्षद सतबीर सांगा, किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल और उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

किसानों का कहना है कि रेलवे विभाग द्वारा तय किया गया 33 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा बेहद कम है, जबकि वर्तमान में जमीन का बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग कलेक्टर रेट के आधार पर सस्ते में जमीन अधिग्रहित करना चाहता है, जो उनकी आजीविका का मुख्य साधन है।

उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर पहले ही सीमित हैं और यदि खेती योग्य जमीन भी कम मुआवजे पर ले ली गयी, तो उनके भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

इस दौरान मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों को किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि न्यायोचित मुआवजे केबिना जमीन नहीं सौंपी जाएगी।

किसानों ने यह भी निर्णय लिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर विधायक घनश्याम सर्राफ से मुलाकात करेंगे और उनसे हस्तक्षेप की मांग करेंगे। साथ ही किसान सांसद धर्मबीर से भी मिल चुके हैं, जिन्होंने 15 मई तक काम रुकवाने और रेलवे मंत्री से बातचीत कराने का आश्वासन दिया है।

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