मुंबई , जनवरी 14 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के संस्थापक राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने बुधवार को राज्य चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सत्तारूढ़ गठबंधन को मतदाताओं के बीच नकदी बांटने की सुविधा दे रहा है।
गौरतलब है कि बीएमसी सहित महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों कल (15 जनवरी) को मतदान होगा और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने अपने परिवार के साथ राज ठाकरे के आवास 'शिवतीर्थ' पर जाकर मुलाकात की, जिसके बाद राज ठाकरे ने मीडिया से बातचीत में आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव प्रचार मंगलवार शाम पांच बजे ही समाप्त हो गया था, लेकिन आयोग ने एक नया नोट जारी कर मतदान से एक दिन पहले भी उम्मीदवारों को शाम पांच बजे तक मतदाताओं से मिलने की अनुमति दे दी है। उन्होंने सवाल किया कि यह परंपरा लोकसभा और विधानसभा चुनावों में क्यों नहीं थी और इसे केवल अभी क्यों लाया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि घर-घर जाकर मिलने की इस अनुमति का उपयोग मतदाताओं को पैसे बांटने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने पीएडीयू नाम की एक नई मशीन का मुद्दा भी उठाया, जिसे ईवीएम से जोड़ा जाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी राजनीतिक दल को इस मशीन के बारे में जानकारी नहीं दी गई और न ही इसे दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे इस संबंध में किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार नहीं हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी इन मशीनों को ईवीएम के साथ तैनात करने के कदम की आलोचना की थी।
इस मामले पर नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने स्पष्ट किया कि पाडू मशीनों का उपयोग मुंबई में तभी किया जाएगा जब स्थिति पैदा होगी। उन्होंने बताया कि ये मशीनें ईवीएम के डिस्प्ले यूनिट के विफल होने की स्थिति में बैकअप के रूप में काम करेंगी और इनका उपयोग मतगणना की प्रक्रिया में भी किया जा सकता है क्योंकि ये कंट्रोल यूनिट के रूप में कार्य करती हैं। भेल निर्मित लगभग 140 ऐसी मशीनें बीएमसी चुनावों के लिए तैनात की गई हैं।
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