पटियाला , जनवरी 05 -- पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा ने सोमवार को केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा पर हमला सीधे तौर पर गरीबों और ग्रामीण मज़दूरों पर हमला है।

यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री मोहिंद्रा ने कहा कि भाजपा द्वारा लाया गया 'विकसित भारत जी राम जी (ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी)' कानून रोजगार बढ़ाने के नाम पर मनरेगा की कानूनी गारंटी को खत्म करता है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कोई खैरात नहीं था, यह गरीबों का कानूनी अधिकार था। भाजपा ने इस अधिकार को छीनकर गरीबों पर सीधा हमला किया है और पंजाब को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए मनरेगा कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को काम मांगने का अधिकार था और सरकार 15 दिनों के भीतर काम देने के लिए बाध्य थी, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि नये कानून में रोजगार अब अधिकार नहीं रहा। यह दिल्ली से जारी नोटिफिकेशन, मंज़ूरी और बजट पर निर्भर होगा।

भाजपा द्वारा 100 से 125 दिन रोजगार बढ़ाने के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "125 दिन का क्या मतलब है जब कोई कानूनी गारंटी ही नहीं है? कागज़ी आंकड़े पेट नहीं भरते, अधिकार भरते हैं।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सभी फैसले खुद लेगी लेकिन खर्च 60:40 के अनुपात में राज्यों पर थोपेगी। उन्होने कहा कि दिल्ली तय करेगी कब, कहां और किसे काम मिलेगा, लेकिन बिल पंजाब भरेगा। यह संघीय ढांचे पर सीधा हमला है।

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