भीलवाड़ा , जनवरी 10 -- केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नाम और प्रावधानों में किये गये बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने 45 दिवसीय आंदोलनशुरू करने का ऐलान किया है।
इस आंदोलन को मनरेगा बचाओ संग्राम नाम दिया गया है। इसके तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।
शनिवार को राजस्थान में भीलवाड़ा में पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा पत्रकारों से कहा कि मनरेगा का नाम बदलना मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि योजना की मूल भावना को कमजोर किया जाना सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के समय दिया गया काम का अधिकार अब धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है।
श्री जाट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करके गरीब और मजदूर वर्ग की आजीविका पर सीधा हमला कर रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों का विरोध करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर यह 45 दिवसीय अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत 10 जनवरी को सभी जिलों में पत्रकार वार्ताओं से हुई है। बारह जनवरी को उपवास रखा जाएगा। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गांव गांव जाकर चौपालों पर मनरेगा को लेकर चर्चा करेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे। अभियान के अंतिम चरण में जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा।
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