रायपुर/धमतरी , जनवरी 20 -- छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए मनरेगा संशोधन विधेयक के विरोध में "मनरेगा बचाओ संग्राम" के तहत आज धमतरी जिले में एक बड़ी पदयात्रा निकाली।

इस पदयात्रा का नेतृत्व छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने किया। यह यात्रा ग्राम मेघा से शुरू होकर अरौद, गिरौद, सौंगा और हरदी ग्राम पंचायतों से होते हुए संपन्न हुई।

श्री दीपक बैज ने इस दौरान केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने "सुधार" के नाम पर लोकसभा में एक बिल पारित करके दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्म करने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे "महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और गरीब भारतीयों से काम के अधिकार को छीनने की सोची-समझी कोशिश" बताया।

श्री बैज ने कहा, "मनरेगा गांधीजी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और विकेंद्रीकृत विकास के सपने का जीता-जागता उदाहरण था। लेकिन इस सरकार ने न सिर्फ उनका नाम हटाया, बल्कि 12 करोड़ मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को बेरहमी से कुचला है।" उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों से मोदी सरकार ने इस योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया है, जिसके चलते पिछले पांच सालों में मनरेगा मुश्किल से 50-55 दिन का ही काम दे पा रहा है।

उन्होंने इस अवसर पर याद दिलाया कि मनरेगा दो दशक से करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए जीवनरेखा रहा है और कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा के रूप में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट में कटौती, फंड रोकने, जॉब कार्ड हटाने और आधार-आधारित भुगतान की मजबूरी से लगभग सात करोड़ मजदूरों को योजना से बाहर कर दिया है।

इस पदयात्रा में सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम, धमतरी विधायक ओंकार साहू, जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, पूर्व विधायक लेखराम साहू सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कांग्रेस ने बताया कि यह अभियान प्रदेश के विभिन्न जिलों में जारी रहेगा, जिसके तहत राजनांदगांव, बस्तर, बेमेतरा, महासमुंद, कोरबा और गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में भी पदयात्राएं निकाली जा चुकी हैं।

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