रांची , जनवरी 25 -- झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य के लिए पेसा नियमावली पारंपरिक ग्राम सभा को उसका अधिकार देने का प्रभावशाली कानून है।

श्रीमती तिर्की आज लापुंग कॉलेज मैदान में मनरेगा संग्राम, पेसा कानून और एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस के बीएलए की प्रशिक्षण पाठशाला में शामिल होते कहा कि मांडर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का "ब्लॉक संवाद कार्यक्रम" रफ्तार पकड़ रहा है। उन्होंने ब्लॉक संवाद कार्यक्रम की कमान संभाला। मास्टर ट्रेनर सुभाष नाग, अंजनी रंजन और अमितेश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान तमाम बारीकियों और जनता को एसआईआर के दौरान तमाम परेशानियों को दूर करने की जानकारी दी। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि अब ग्राम सभा की सहमति से ही गांव के विकास के लिए तैयार सरकार की योजना धरातल पर आकर ले सकेगी।

श्रीमती तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा की आत्मा को खत्म कर दिया है। मनरेगा में वर्तमान बदलाव से एक बार फिर झारखंड से रोजगार के नाम पर पलायन करने वालों की संख्या में इजाफा होगा। "ब्लॉक संवाद कार्यक्रम" में ये निर्णय लिया गया है कि 26 जनवरी को पारंपरिक ग्राम सभा कर मनरेगा को पहले की तरह लागू करने और मजदूरी दर 400 रुपए करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि एसआईआर पर सभी को सजग रहने की जरूरत है ताकि कागजी प्रक्रिया और दस्तावेज के नाम पर किसी सही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से ना कट जाए।

कांग्रेस के बीएलए गांव-घर में एसआईआर की जटिलताओं को दूर करने और बीजेपी के द्वारा वोट चोरी की साजिश को नाकाम करने का काम करेंगे। ब्लॉक संवाद कार्यक्रम में लापुंग प्रखंड अध्यक्ष जयंत बारला, सुदामा महली, विश्वनाथ मुंडा, जनमेजय पाठक, संतोष तिर्की, सुरेश साहू, सलीम मियां, सोनी बारला, प्रतिमा देवी, देवती देवी, देवेंद्र वर्मा सहित अन्य मुख्य रूप से मौजूद थे।

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