पटना , जनवरी 07 -- सात निश्चय-3 के तहत हर खेत तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध करने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत जल संसाधन विभाग के माध्यम से 20 घनसेक या उससे कम जलश्राव वाली नहरों और जलवाहों का जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग में इस संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी संयुक्त रूप से अध्यक्षता जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने की। बैठक में मनरेगा आयुक्त श्रीमती अभिलाषा कुमारी शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में यह चर्चा हुई कि जल संसाधन विभाग अब मनरेगा 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' (वीबी - जी राम जी) के तहत उपरोक्त कार्यों का क्रियान्वयन स्वयं अपने तकनीकी पर्यवेक्षण में करेगा।
इससे कार्यों का समुचित तकनीकी अनुश्रवण संभव होगा। यह कार्य पहले ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संपन्न होता था।
बैठक में संतोष कुमार मल्ल ने स्पष्ट निदेश दिए कि विभाग द्वारा संचालित कार्यों में 20 घनसेक या उससे कम जलश्राव वाली नहरें, लघु नहर, उप-लघु नहर, जलवाहों एवं जलरूद्ध क्षेत्रों/चौर से जल निकासी एवं तटबंध सुदृढ़ीकरण शामिल होंगे। साथ ही यह भी निदेश दिया गया कि पंचायतवार योजनाओं का चयन कर 20 जनवरी 2026 तक अनुमानित लागत सहित सूची जिला पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा को उपलब्ध कराई जाए, ताकि इन्हें मनरेगा के वार्षिक कार्यक्रम में 31 जनवरी 2026 तक सम्मिलित किया जा सके।
जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव द्वारा सभी मुख्य अभियंताओं (सिंचाई एवं बाढ़ प्रक्षेत्र) को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित कार्यपालक अभियंताओं के कार्यों का अनुश्रवण सुनिश्चित करें। सभी प्रगति विवरण साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन के माध्यम से नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध कराए जाएं।
यह पहल राज्य में जल प्रबंधन और सिंचाई संरचनाओं के पुर्नस्थापन के कार्य की तकनीकी सहमति से सुदृढ़ करेगी। साथ ही मनरेगा 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' (वीबी - जी राम जी) के तहत रोजगार सृजन के साथ नहर प्रणालियों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में मददमिलेगी।
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