श्रीगंगानगर , दिसम्बर 17 -- राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ बुधवार को यहां प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने इस कदम को राजनीतिक साजिश बताते हुए गहरा रोष व्यक्त किया और मांग की कि मनरेगा का मूल नाम यथावत रखा जाए। इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से मनरेगा का नाम बदलने के फैसले को वापस लेने और मूल अधिनियम को बहाल करने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम राजनीतिक कारणों से बदला है, जो महात्मा गांधी की विरासत पर सीधा हमला है। नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए एक क्रांतिकारी योजना थी, जिसने करोड़ों लोगों को रोजगार की गारंटी प्रदान की, लेकिन अब इसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।
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