कौशांबी , जनवरी 11 -- उत्तर प्रदेश के उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने को लेकर विपक्षी दल जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय दिल्ली से ग्रामीण विकास के लिए भेजा गया एक रुपया भ्रष्टाचार के कारण 85 पैसे बीच में ही भेंट चढ़ जाता था और केवल 15 पैसे गांव तक पहुंचते थे लेकिन अब केंद्र से भेजे जाने वाला एक रुपया पूरा का पूरा विकास के लिए गांव में पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि संसद द्वारा विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण यानी बीवी जी रामजी अधिनियम पारित किया गया है। इस रोजगार गारंटी योजना से 100 दोनों से बढ़कर 125 दिन की रोजगार की गारंटी की गई है। वीबी जी रामजी योजना के तहत काम न मिलने पर पंजीकृत श्रमिक को बेरोजगारी भत्ता स्वत: मिलेगा।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि देश की जनता को गुमराह करने वाले लोग महात्मा गांधी के नाम पर अपनी रोजी-रोटी चलाते थे। भाजपा सभी महापुरुषों का आदर सम्मान करना जानते हैं। एसआईआर की मसौदी सूची पर सवाल उठाने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब फर्जी वोट के सहारे सत्ता हासिल करने वाले का समय निकल चुका है। निर्वाचन आयोग पूरी पारदर्शी तरीके से मतदाता सूची का संशोधन कराया है। बूथ लेवल तक मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है।

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