बैतूल , मार्च 17 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की जनपद पंचायत आठनेर अंतर्गत ग्राम पंचायत आष्टी में मनरेगा के तहत किए गए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।

शिकायतकर्ता विशाल भालेकर ने जनपद पंचायत आठनेर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार मनरेगा योजना के तहत एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिया गया, जो नियमों के विपरीत है।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और शिकायतकर्ता को सूचना दिए बिना ही 25 जुलाई 2025 को जांच दल ग्राम पंचायत आष्टी पहुंचकर औपचारिकता पूरी कर लौटा।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सुरेश नामक व्यक्ति के खेत के पास लगभग पांच लाख रुपये की लागत से निर्मित अर्धन डेम पहली ही बारिश में बह गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने दस्तावेजों में कार्य को पूर्ण दर्शा दिया।

इसी तरह नागोराव के खेत के पास करीब पांच लाख दस हजार रुपये की लागत से बनाए गए एक अन्य अर्धन डेम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक मौके पर इस निर्माण का स्पष्ट अस्तित्व नहीं है और भूमि पर खेती की जा रही है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में कार्य को पूर्ण बताया गया है।

मामले में जांच अधिकारी सहायक यंत्री नितेश पानकर, उपयंत्री ठाकुर और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भरत सिंह की भूमिका पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को बचाने का प्रयास किया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जनपद पंचायत आठनेर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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