नयी दिल्ली , अक्टूबर 07 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, कटनी और छतरपुर जिलों में विवाह योजना धोखाधड़ी मामले में सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी के भोपाल कार्यालय सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ये तलाशी जनपद पंचायत सिरोंज के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शोभित त्रिपाठी और अन्य से जुड़े एक मामले से संबंधित है। इस अभियान में संपत्ति के कागजात और डिजिटल उपकरणों सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किये गये हैं।

ईडी ने त्रिपाठी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के 21.7 लाख रुपये मूल्य के बैंक खाते और म्यूचुअल फंड भी फ्रीज कर दिए हैं। ईडी ने भोपाल में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच शुरू की है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार त्रिपाठी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के अनुसार, त्रिपाठी ने अन्य लोगों के साथ मिलीभगत करके 2019 से नवंबर 2021 के बीच राज्य सरकार की विवाह सहायता योजना के तहत 5,923 संदिग्ध प्रविष्टियाँ बनाकर 30.18 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।

ईडी की जांच से पता चला है कि त्रिपाठी ने डेटा एंट्री ऑपरेटर योगेंद्र शर्मा और हेमंत साहू के साथ मिलकर निर्माण श्रमिकों के परिवारों के लाभ के लिए आवंटित धन को डायवर्ट करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

आरोपियों ने जाली दस्तावेज बनाए और एक सरकारी पोर्टल पर फर्जी जानकारी अपलोड की। इससे उन्हें सरकारी खजाने से अवैध रूप से अपात्र आवेदकों के बैंक खातों में धन हस्तांतरित करने की अनुमति मिल गई। एटीएम के माध्यम से कई किश्तों में धनराशि निकाल ली गई। फिर नकदी त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के बैंक खातों में जमा कर दी गई।

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