नयी दिल्ली , दिसंबर 03 -- मध्य प्रदेश में कफ सिरप से 20 बच्चों की मौत मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को कहा कि उसने श्रीसन फार्मास्युटिकल के मालिक जी रंगनाथन की 2.04 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है।

अस्थायी रूप से कुर्क की गई संपत्तियों में चेन्नई के कोडम्बक्कम स्थित जी. रंगनाथन और उनके परिवार के स्वामित्व वाले दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं। ईडी की यह कार्रवाई दो प्राथमिकी दर्ज होने के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत की गई जांच के आधार पर शुरू की गयी।

मध्य प्रदेश पुलिस ने रंगनाथन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के अंतर्गत मिलावटी कफ सिरप बनाने एवं बेचने के आरोप में पहली एफआईआर दर्ज की थी जिसके कारण 20 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि चेन्नई स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल मैन्यूफैक्चरर द्वारा निर्मित 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप में विषाक्त ग्लाइकोल यौगिक मौजूद थे जिसके कारण बच्चों में गुर्दा फेल होने की कई घटनाएं हुईं।

दूसरी एफआईआर चेन्नई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा औषधि नियंत्रण विभाग के निदेशक और संयुक्त निदेशक पी यू कार्तिगेयन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम की धारा सात के अंतर्गत दर्ज की गई, जिसमें विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया।

ईडी की जांच से पता चला कि श्रीसन फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर ने विनिर्माण लागत में कमी लाने और मुनाफा बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर अनुचित व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा दिया जिससे अपराध की आय (पीओसी) प्राप्त हुई।

अधिकारियों ने आगे कहा कि जांच में पाया गया कि तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी श्रीसन फार्मास्युटिकल के मालिक के साथ लगातार संपर्क में थे लेकिन औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों के तहत अनिवार्य वार्षिक निरीक्षण नहीं किया गया।

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