बैतूल , नवंबर 20 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गौवंश तस्करी के लिए आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग करते हुए 108 एंबुलेंस का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है।
हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से 10 गौवंशों की जान बच गई।
पुलिस विभाग के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार 19 नवंबर की रात मासोद क्षेत्र में गश्त के दौरान सूचना मिली कि मुलताई मार्ग से एक एंबुलेंस में गौवंश भरकर महाराष्ट्र की ओर अवैध रूप से भेजे जा रहे हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और बिसनूर जोड़ पर चेकिंग प्वाइंट जमाया गया।
संदिग्ध एंबुलेंस आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे मुलताई रोड से तेज रफ्तार में आती दिखी। एंबुलेंस को रोकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक ने वाहन को मोड़कर फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत पीछा किया। भागते-भागते आरोपी चालक एक घर के पास वाहन छोड़कर अंधेरे में गायब हो गया। वाहन की नंबर प्लेट महाराष्ट्र के नंबर की पाई गई। जब पुलिस ने एंबुलेंस के पीछे का दरवाजा खोला तो दृश्य अत्यंत दर्दनाक था। अंदर 10 गौवंश क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बांधे गए थे। उनके मुंह और पैर कसकर बांधे हुए थे, जिससे हिलने-डुलने की भी जगह नहीं थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि इन्हें वध के लिए महाराष्ट्र भेजा जा रहा था। पुलिस ने मौके पर ही एंबुलेंस और सभी 10 गौवंश (अनुमानित कीमत चार लाख 78 हजार रुपए) जब्त कर लिए। फरार आरोपी के खिलाफ थाना मुलताई में मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी की तलाश जारी है।
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