भोपाल , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से राज्य के परिवहन चेक पोस्टों को बंद कर उनके स्थान पर परिवहन विभाग ने 45 'रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट' प्रारम्भ कर दिए हैं। इन स्थानों पर पदस्थ प्रवर्तन बल द्वारा बॉडीवोर्न कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्यवाही की जा रही है। 'इज ऑफ डुइंग बिजनेस' के तहत इन प्वाइंट पर प्रदेश में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों को ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा भी दी गई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि से संबंधित अधिकतर सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल 'वाहन' तथा 'सारथी' के माध्यम से फेसलेस प्रदान किया जाना शुरू किया गया है, जिसमें आवेदक को कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होती। लोगों को परिवहन विभाग की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में मदद करने के लिए सीएससी सेंटर्स के अतिरिक्त एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी राज्य सरकार द्वारा सुविधा केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।
इसी तरह सड़क दुर्घटना में घायलों के त्वरित उपचार के लिये 'सड़क दुर्घटना पीडितों का नगदी रहित उपचार स्कीम-2025' सुचारू रूप से क्रियान्वित की गई है, जिसके तहत पीड़ित ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन की अवधि के लिये किसी भी नाम निर्दिष्ट अस्पताल में प्रति पीड़ित एक लाख पचास हजार रुपये तक की रकम के नकदी रहित उपचार करा सकता है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों की सहायता करने वाले राह-वीरों को प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रूपये एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है।
परिवहन विभाग ने इस वर्ष 5,693 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा है। जबकि पिछले वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग ने करीब 4,875 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया था। यह राजस्व वर्ष 2023-24 के मुकाबले 5.83 प्रतिशत अधिक रहा है।
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