भोपाल , नवम्बर 4 -- मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए 4 नवम्बर 2025 मंगलवार से एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में 65 हजार से अधिक बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। बिहार की तर्ज पर शुरू की जा रही इस एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, त्रुटिरहित और सटीक बनाना है।
राज्य निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सभी बीएलओ को प्रशिक्षण देने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब ये अधिकारी प्रदेश के 72 हजार से अधिक मतदान केंद्रों के मतदाताओं तक पहुंचकर उनकी जानकारी का पुनः सत्यापन करेंगे। इस दौरान आयोग द्वारा जारी किए गए विशेष फॉर्म घर-घर बांटे जाएंगे, जिनमें मतदाता अपनी जानकारी भर सकेंगे।
वर्ष 2003 में पहली बार एसआईआर की प्रक्रिया लागू की गई थी, और अब दो दशक बाद इसे फिर से व्यापक स्तर पर शुरू किया जा रहा है। बीएलओ मतदाताओं से उनके पते, आयु, पारिवारिक विवरण, फोटो और पहचान संबंधी जानकारी प्राप्त करेंगे। साथ ही, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से हटाने और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर यह अभियान एक साथ चलाया जाएगा। हर बूथ के प्रत्येक मतदाता की जानकारी का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची पूरी तरह सटीक हो। निर्वाचन आयोग ने जिला कलेक्टरों और निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया की दैनिक निगरानी के निर्देश भी दिए हैं।
राज्य निर्वाचन विभाग ने बताया कि इस अभियान से मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम हटाने, मृत मतदाताओं की प्रविष्टि समाप्त करने और युवाओं को जोड़ने में मदद मिलेगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ उनके घर पहुंचे तो वे सही जानकारी देकर प्रक्रिया में सहयोग करें।
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