भोपाल , नवंबर 18 -- मध्यप्रदेश में बर्फीली हवाओं के चलते कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़क गया है। भोपाल में 84 साल पुराना नवंबर का तापमान रिकॉर्ड टूट गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर का अलर्ट है, जबकि धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल सहित कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है।

ठंड बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूल सुबह 9 बजे लगने के आदेश दिए हैं। भोपाल में नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं सुबह 8:30 बजे से पहले शुरू न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल, शिवपुरी और खंडवा में भी स्कूलों का समय बढ़ाया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, भोपाल में रविवार-सोमवार की रात तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो नवंबर माह का अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 1941 में 6.1 डिग्री का रिकॉर्ड था। प्रदेश में उत्तरी हवाओं के कारण ठंड का असर बढ़ रहा है। 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय होने की संभावना है।

राजगढ़ 5.6 डिग्री तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी में 6.4, उमरिया में 7.6, नौगांव 7.8 और बैतूल में 8.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इंदौर में 7.7, ग्वालियर में 10.5, उज्जैन में 11 और जबलपुर में 9 डिग्री पारा रिकॉर्ड हुआ।

नवंबर में इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर देखा जा रहा है। पिछले दस वर्षों में नवंबर में बारिश और ठंड का संयुक्त असर देखने का ट्रेंड रहा है। इस बार अक्टूबर में भी सामान्य से 121% अधिक बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में इस बार सर्दी के कई पुराने रिकॉर्ड टूटते दिखाई दे रहे हैं।

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