भोपाल , अक्टूबर 22 -- मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने हाल के दिनों में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित तीन मानव अधिकार उल्लंघन संबंधी घटनाओं में संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।
जिसमें पहला मामला भोपाल जिले के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी की प्राइवेट कॉलोनी के पास एक खाली जमीन पर केमिकल कचरा जलाए जाने की जानकारी मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह स्थान वर्षों से कचरा डंपिंग और जलाने के लिए प्रयोग में था। इससे आसपास के क्षेत्रों में जहरीला धुआं फैल रहा है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने कलेक्टर और आयुक्त, नगर निगम भोपाल से मामले की जांच कराकर दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
वही दूसरा मामला खंडवा जिले के पिपलौद थाना क्षेत्र के ग्राम गांधवा में 18 माह के बालक की झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बालक को निमोनिया होने पर डॉक्टर ने सलाइन लगाई और एक साथ पांच इंजेक्शन दिए, जिसके आधे घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। आयोग ने कलेक्टर और सीएमएचओ, खंडवा से मामले की जांच कर दो सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
जबकि तीसरा मामला विदिशा जिले के ग्यारसपुर ब्लॉक में तीन माह से अतिथि शिक्षकों को मानदेय नहीं दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिले के अन्य ब्लॉकों में भुगतान हो चुका है, लेकिन ग्यारसपुर ब्लॉक के शिक्षक आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान हैं। आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा से मामले की जांच कर दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। माननीय सदस्य डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि आयोग इन तीनों मामलों में शीघ्र उचित कार्रवाई सुनिश्चित कर मानवाधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर कदम उठाने की अपेक्षा करता है।
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