भोपाल , फरवरी 04 -- मध्यप्रदेश पुलिस ने ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में वाहन किराये पर लेकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विगत 10 दिनों में की गई इस संयुक्त कार्रवाई में 6 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक कीमत के कुल 54 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो स्वयं को एक निजी कंपनी का मैनेजर बताकर ट्रेवल्स संचालकों से बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन किराये पर लेता था। आरोपी फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से इन वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर अवैध रूप से आर्थिक लाभ अर्जित करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 15 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये है।
इसी प्रकार इंदौर जिले में थाना अन्नपूर्णा पुलिस ने वाहन किराये पर लेकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहन मालिकों से 11 माह का लिखित एग्रीमेंट कर कारें किराये पर लेता था। प्रारंभ में दो से तीन माह तक किराया देने के बाद वह वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देता था। इसके बाद वह वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम हटाकर वाहन मालिकों को किराया देना भी बंद कर देता था। फरियादी की शिकायत पर थाना अन्नपूर्णा में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान करीब 40 से अधिक वाहन मालिकों ने आरोपी के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत किए, जिससे बड़े स्तर पर संगठित वाहन धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 39 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ग्वालियर एवं इंदौर में की गई इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप कुल 54 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 6 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई से न केवल संगठित धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को आर्थिक क्षति से राहत भी मिली है।
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