भोपाल , नवम्बर 11 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों को प्रोत्साहित करने और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है और सभी राज्यों को नवीन उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित "उद्योग समागम" को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) 2024 के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों व्यवसाय पंजीयन, श्रम विनियमन, भूमि प्रशासन और सेवा क्षेत्र में 'टॉप अचीवर स्टेट' के रूप में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह पुरस्कार केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल से प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की पारदर्शी औद्योगिक नीतियों और निवेशकों में विश्वास के वातावरण का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे स्पीड, स्केल और स्किल ऑफ डूइंग में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक विकास दर उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। राज्य में क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किए गए हैं, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन भोपाल में किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनविश्वास अधिनियम से कानूनों की जटिलताओं को सरल बनाया है और निवेशकों में भरोसे का वातावरण स्थापित किया है। एमपी ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निवेशकों को पारदर्शी और तीव्र प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और सरकार आईटी सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में प्रगति के लिए ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री श्री गोयल का उद्योग समागम के आयोजन और राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने राज्यों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारत की औद्योगिक प्रगति केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) 2026 गाइड बुक का विमोचन करते हुए कहा कि यह केवल सुधारों का दस्तावेज नहीं बल्कि "सद्भावना और सुशासन आधारित नीति-निर्माण" का उदाहरण है।

कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार "उद्योग एवं रोजगार वर्ष" के रूप में मना रही है। जनविश्वास विधेयक 2024 के तहत पांच विभागों के आठ अधिनियमों की 64 धाराओं में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

श्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान 18 नई औद्योगिक नीतियों का विमोचन किया गया तथा धार जिले में देश के सबसे बड़े प्रधानमंत्री मित्रा वस्त्र पार्क का शिलान्यास हुआ। उन्होंने बताया कि इन्वेस्ट एमपी पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमतियां एक मंच पर मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और निवेश संवर्धन पर आधारित ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति दी गई, जिसमें जनविश्वास अधिनियम, संपदा 2.0, साइबर तहसील, आरसीएमएस और लेबर केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसे नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

राज्य सरकार ने अब तक 2,600 से अधिक अनुपालनों को डिजिटाइज किया है, 925 पुराने कानूनी प्रावधानों को समाप्त किया है और 26 अधिनियमों की 108 धाराओं को अपराधमुक्त किया है। श्रम सुधारों के तहत महिलाओं को सभी क्षेत्रों में रात्रिकालीन कार्य की अनुमति दी गई है तथा ओवरटाइम और कार्य घंटे के प्रावधानों को सरल बनाया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों और उद्योगों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बन चुका है। राज्य की पारदर्शिता, नवाचार और उद्योग-अनुकूल दृष्टिकोण उसे "विकसित भारत @2047" के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर कर रहा है।

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