भोपाल , नवंबर 11 -- मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में नई सौगात मिलने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग राज्य के आठ शासकीय महाविद्यालयों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक्स, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (ए.व्ही.जी.सी.) लैब स्थापित करने जा रहा है। ये अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, धार और रतलाम जिलों के महाविद्यालयों में स्थापित की जाएंगी।

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने बताया कि इन लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक डिजाइनिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे आधुनिक विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आठ महाविद्यालयों में प्रारंभ किया जा रहा है।

इनमें से चार प्रयोगशालाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से और चार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित की जा रही हैं। प्रत्येक लैब पर लगभग 90 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है, जबकि कुल व्यय सात करोड़ रुपये से अधिक होगा।

ए.व्ही.जी.सी. लैब स्थापित होने वाले महाविद्यालयों में ग्वालियर का शासकीय कमलाराजे कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, इंदौर का शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल के शासकीय हमीदिया आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय और सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, उज्जैन का शासकीय माधव आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, धार का शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर का शासकीय एम.के.बी. आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय तथा रतलाम का शासकीय कन्या महाविद्यालय शामिल हैं।

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