श्रीगंगानगर , जनवरी 12 -- राजस्थान में राष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित विशेष संगीतमय कार्यक्रम ने शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

रविवार को इस सुरीली शाम में ताल म्यूजिकल बैंड के मधुर संगीत और प्रतिभाशाली गायकों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया, जिससे पूरा हॉल उत्साह और आनंद से भर उठा। कार्यक्रम का आयोजन नववर्ष और लोहड़ी के पर्व के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुई। राष्ट्रीय कला मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र बैद ने सभी अतिथियों, कलाकारों और श्रोताओं का स्वागत किया। इसके बाद ताल म्यूजिकल बैंड की मधुर धुनों पर गायकों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। रिद्धिमा ने क्लासिक गीत 'एक प्यार का नगमा है' गाकर सभी को भावुक कर दिया, जबकि अनिल सिंह ने 'रुतबा' गीत से माहौल में जोश भर दिया। युवराज सिद्धू ने 'मंजिले अपनी जगह हैं' और बाद में 'तू माने या न माने' और 'छल्ला' जैसे गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया।

प्रवीण गोल्डी ने 'किसी नजर को तेरा इंतजार' और 'चरखा' गाकर रोमांटिक और लोक संगीत का मिश्रण प्रस्तुत किया। जतिन गौतम ने ऊर्जावान गीत 'चल छैया छैया' से सभी को थिरकने के लिए प्रेरित किया, जबकि हर्षिता ने 'माही वे' गाकर युवा दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी गायकों ने एक साथ मिलकर लोहड़ी की पारंपरिक बोलियां गाईं, जिसने पंजाबी संस्कृति की झलक दिखाई।

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