मधुबनी , जनवरी 05 -- बिहार में मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में एक युवक को बांग्लादेशी और पाकिस्तानी बताकर बेरहमी से पिटाई करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुये तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह कारवाई चार दिनों के भीतर 12 अलग- अलग स्थानों पर छापेमारी कर गिरफ्तारी की गई है।
इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक मो. मुर्शीद आलम, सुपौल जिले का मूल निवासी है और राजनगर क्षेत्र में रहकर काम कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, घटना से एक दिन पहले आरोपी शिवकुमार पीड़ित के कमरे पर गया था, जहां उसने गाली- गलौज की और मुर्शीद को आपत्तिजनक बातें बोलने के लिये मजबूर किया। इसके अगले दिन मुख्य आरोपी कैलाश मुखिया, शिवकुमार और प्रियांशु कुमार ने मिलकर गैंग बनाया और चकदह इलाके में मुर्शीद को घेरकर उसकी बेरहमी से पिटाई की।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने इसकी जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद सदर एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुये तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक श्री कुमार ने बताया कि कैलाश मुखिया इस मामले का मुख्य अभियुक्त है, जबकि शिवकुमार और प्रियांशु कुमार उसके सहयोगी हैं। इस कांड में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिये लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार किये गये तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि मधुबनी जिले में किसी भी धर्म या समुदाय के व्यक्ति के साथ इस तरह की हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जो भी कानून हाथ में लेगा, उसके खिलाफ पुलिस कठोरतम कार्रवाई करेगी।
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