मधुबनी , जनवरी 19 -- बिहार के मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में डीआरडीए सभाकक्ष में सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ अंतर्विभागीय समन्वय और कार्यालय गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश देते हुये जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी श्री शर्मा ने अंतर्विभागीय मामलों के त्वरित समाधान पर जोर देते हुये कहा कि आपसी समन्वय से विकास कार्यों को गति दी जाये। बैठक में उपयोगिता प्रमाणपत्र, डीसी बिल, नीलाम पत्र वाद, मुख्यमंत्री जनता दरबार, जिला स्तरीय जनता दरबार, सीपी ग्राम, उच्च न्यायालय में लंबित मामले, आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
नीलाम पत्र वादों में बड़े बकायेदारों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये जिलाधिकारी ने प्रत्येक नीलाम पत्र पदाधिकारी को कम से कम पांच बड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। साथ ही वारंट जारी करने से पहले डिमांड नोटिस की तामील सुनिश्चित करने और कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया।
सेवांत लाभ की समीक्षा में निर्देश दिया गया कि सेवानिवृत्त कर्मियों को समय पर सभी लाभ मिलें, इसके लिये छह माह पूर्व ही प्रस्ताव भेजे जायें। जन शिकायतों की समीक्षा में पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग में सबसे अधिक आवेदन लंबित पाये गये, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुये एक सप्ताह में प्रगति लाने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, हर घर नल का जल योजना, पंचायत सरकार भवन, कब्रिस्तान घेराबंदी, महादलित विकास योजना आदि की भी समीक्षा की गई। अपूर्ण तैयारी और कार्य में शिथिलता को लेकर वन एवं पर्यावरण विभाग और विद्युत प्रमंडल जयनगर और झंझारपुर के अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप- विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, एडीएम मुकेश रंजन झा, एडीएम आपदा संतोष कुमार, नगर आयुक्त उमेश भारती सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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