चेन्नई , अप्रैल 02 -- तमिलनाडु में मदुरै की एक अदालत ने पिता-पुत्र हिरासत में मृत्यु मामले में नौ आरोपी पुलिसकर्मियों की सजा की अवधि सुनाने पर अपना आदेश छह अप्रैल तक के लिए गुरुवार को फिर से सुरक्षित रख लिया।
प्रथम अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश मुथुकुमार ने जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) और राज्य सरकार की लंबी दलीलें सुनने के बाद आज दूसरी बार अपना आदेश छह अप्रैल के लिए सुरक्षित रख लिया।
इससे पहले अदालत ने गत 23 मार्च को सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषी पाया था और कहा था कि उन्हें दी जाने वाली सजा की अवधि 30 मार्च को घोषित की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को नौ आरोपियों की स्वास्थ्य स्थिति, सजा की प्रकृति, उनके वेतन विवरण और संपत्ति के विवरण के साथ स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। चूंकि सीबीआई और राज्य सरकार 30 मार्च तक यह रिपोर्ट जमा करने में विफल रहे थे, इसलिए अदालत ने नाराजगी व्यक्त की थी और उन्हें आज (2 अप्रैल) अनिवार्य रूप से रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
इस बीच सीबीआई ने आज अदालत में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की और इसे 'विरल से विरलतम' (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) मामला बताते हुए व्यापारियों, पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स की बेरहम हिरासत में प्रताड़ना और मृत्यु के लिए मृत्युदंड या बिना पैरोल के मृत्यु तक आजीवन कारावास की अधिकतम सजा की मांग की।
दोषी ठहराये गये नौ पुलिसकर्मियों में तत्कालीन निरीक्षक एस. श्रीधर (जिनकी जमानत याचिका मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ पहले ही खारिज कर चुकी है), उप-निरीक्षक पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, मुख्य आरक्षी एस. मुरुगन और ए. सामीदुरई, तथा आरक्षी एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु शामिल हैं। इस मामले में एक अन्य आरोपी विशेष उप-निरीक्षक पॉलदुरई की बाद में कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई थी।
साथानकुलम पुलिस ने जयराज (59) और उनके बेटे श्री बेनिक्स (31) को 19 जून, 2020 को इस आरोप में पकड़ा था कि उन्होंने महामारी की तालाबंदी के दौरान दुकान खोलने के लिये स्वीकृत समय के बाद भी अपनी मोबाइल फोन की दुकान खुली रखी थी। इसके बाद कथित तौर पर रात भर थाने में उनके साथ बेरहमी से मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया गया तथा अगले दिन उन्हें कोविलपट्टी की उप-जेल में भेज दिया गया। चिकित्सा रिपोर्टों से गंभीर शारीरिक हमले, बार-बार पिटाई और चिकित्सा सहायता देने से इनकार करने की बात सामने आई। श्री जयराज की 22 जून, 2020 को मृत्यु हो गई और श्री बेनिक्स की अगले दिन मृत्यु हो गई।
सीबीआई की जांच में पुलिस के रिकॉर्ड में हेरफेर, सबूतों को नष्ट करने के प्रयास और गवाहों को डराने-धमकाने जैसी बातें सामने आईं। जांच एजेंसी ने 25 सितंबर, 2020 को 2,000 पन्नों का आरोप पत्र और 12 अगस्त, 2022 को 400 से अधिक पन्नों का पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित