चंडीगढ़ , मार्च 20 -- हरियाणा सरकार ने नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए मत्स्य पालन से संबंधित कई सेवाओं को हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित किया है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना जारी की गयी है।

अधिसूचना के अनुसार सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के तहत लोडिंग ऑटो, फोर व्हीलर और ट्रॉली के साथ मिनी ट्रैक्टर पर मिलने वाली सब्सिडी अब 40 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अन्य अधिसूचित सेवाओं के लिए अधिकतम 50 दिनों की समय-सीमा तय की गयी है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार नयी सेवाओं में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम, न्यूक्लियस प्रजनन केंद्र (एनबीसी) के लिए सब्सिडी, नवाचार एवं स्टार्टअप परियोजनाएं, इन्क्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं सहित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए सहायता शामिल है। इसके साथ ही प्रशिक्षण, जागरूकता, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, एकीकृत सजावटी मछली इकाई, ताजे पानी की मछलियों के ब्रूड बैंक की स्थापना के लिए भी सब्सिडी दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त मनोरंजक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मछली एवं मत्स्य उत्पादों की ई-ट्रेडिंग और ई-मार्केटिंग के लिए ई-प्लेटफॉर्म, कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट के आधुनिकीकरण, मछली मूल्य वर्धित इकाइयों तथा मत्स्य सेवा केंद्रों के लिए भी सहायता को शामिल किया गया है।

सरकार ने इन सेवाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिला मत्स्य पालन अधिकारी को नामित अधिकारी, उप-निदेशक मत्स्य पालन को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी और निदेशक मत्स्य पालन को द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया है।

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