वाराणसी , फरवरी 6 -- उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच, कांग्रेस ने भी इस प्रक्रिया पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

शुक्रवार को महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र (388) में चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के द्वितीय चरण में पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली और गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एडीएम (सप्लाई) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र (388) में 451 बूथों पर कराए गए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित अंतिम सूची को लेकर प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा उठाए जा रहे सवाल, भाजपा की कथनी और करनी के बीच गहरे अंतर को उजागर करते हैं।

उन्होंने कहा, "जब प्रदेश और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है और पूरा प्रशासन उसी के अधीन कार्यरत है, तो मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की जिम्मेदारी सीधे भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों पर बनती है। एसआईआर के नाम पर लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, कहीं वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है, तो कहीं प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव है।"राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से घबराकर अब भ्रम फैलाने का सहारा ले रही है। उन्होंने मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा 'वोट जिहाद' जैसे शब्दों के प्रयोग को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है। यह संत कबीर और नजीर की विचारधारा की धरती, माँ गंगा की नगरी तथा भगवान विश्वनाथ की पावन काशी है।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसआईआर के द्वितीय चरण में सत्ता के दबाव में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए मतदाता सूची में नाम काटने की कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम संशोधन के नाम पर बड़े पैमाने पर हटाए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

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