राजनांदगांव , नवंबर 21 -- छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर एक बार फिर विवाद तेज़ हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक फड़नवीस ने निर्वाचन आयोग की तैयारियों, समय-सीमा और जमीनी व्यवस्था पर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं।

श्री फड़नवीस ने आरोप लगाया कि आयोग ने केवल एक माह की समय-सीमा तय कर हड़बड़ी में प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि चुनाव में अभी दो से तीन साल का समय बाकी है। उनके अनुसार, जल्दबाज़ी के कारण फील्ड स्तर पर बड़ी अव्यवस्थाएँ देखने को मिल रही हैं और बीएलओ लगातार मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 30 दिन में 2 करोड़ 12 लाख मतदाताओं तक फ़ॉर्म पहुँचाना लगभग असंभव है। कई जिलों में अब भी फ़ॉर्म वितरण पूरा नहीं हुआ है। 4 नवंबर के बाद भी कई बीएलओ को पर्याप्त संख्या में फ़ॉर्म उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

श्री फड़नवीस ने यह भी आरोप लगाया कि बीएलओ को मतदाताओं को दो फ़ॉर्म-एक आवेदन हेतु और दूसरा रसीद के लिए-देने का निर्देश है, लेकिन कई जगह केवल एक कॉपी ही दी जा रही है, जिससे गलती की स्थिति में नया फ़ॉर्म उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है और मतदाता असुविधा में पड़ रहे हैं।

उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की तकनीकी जटिलताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के माता-पिता का निधन 2003 से पहले हो गया और उनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं, वे आवेदन कैसे करें-इस पर बीएलओ स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कुछ बीएलओ ऐसे आवेदकों से मार्कशीट जैसे दस्तावेज़ मांग रहे हैं, जो कई नागरिकों के पास उपलब्ध ही नहीं हैं।

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