पटना , जनवरी 22 -- बिहार विधानसभा चुनाव- 2025 में मतदाता जागरूकता अभियान के तहत नवाचार (इनोवेशन) के उत्कृष्ट प्रयोग के लिये पटना जिला को भारत निर्वाचन आयोग की ओर से देशभर में सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला पुरस्कार (बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवॉर्ड) के लिये चयनित किया गया है।

पटना जिले को यह पुरस्कार प्रथम स्थान के लिये दिया जायेगा।

पटना के जिला निर्वाचन पदाधिकारी- सह- जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने इस उपलब्धि पर जिले के सभी पदाधिकारियों, कर्मियों और मतदाताओं को बधाई देते हुये कहा कि पूरी टीम के समेकित प्रयासों से यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पटना जिले में मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में जहां मतदान प्रतिशत 51.12 था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 59.02 प्रतिशत हो गया, यानी लगभग आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि शहरी उदासीनता और कम मतदान प्रतिशत की पुरानी छवि को तोड़ना बड़ी चुनौती थी। इसके लिये जिला प्रशासन ने मतदाता- केंद्रित और लक्ष्य- आधारित बहुआयामी रणनीति अपनाई। पारंपरिक माध्यमों के साथ सोशल मीडिया, क्यूआर कोड, वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड, मेंहदी, रंगोली, रैली, मानव श्रृंखला, रात्रि चौपाल, परिचर्चा और गोष्ठियों जैसे इनोवेटिव तरीकों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।

जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने बताया कि गांधी मैदान में विशाल महारंगोली, जेपी गंगा पथ पर साइकिल रैली, 24x7 वोटर हेल्पलाइन नंबर- 1950, छठ महापर्व के दौरान विशेष अभियान और 'नॉक-द-डोर' और 'नो योर बूथ' जैसे अभियानों से मतदाताओं को सक्रिय रूप से जोड़ा गया। मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधायें और थीम-बेस्ड बूथ भी बनाये गये, जिसकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने सराहना की।

उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों के सतत सहयोग का ही परिणाम है कि पटना जिला मतदाता जागरूकता में नवाचार के लिये देश में प्रथम पुरस्कार के लिये चयनित हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित