इंफाल , नवंबर 09 -- मणिपुर में जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय जनजातीय फिल्म महोत्सव के साथ एक कार्निवल भी आयोजित किया जाएगा। इस फिल्म महोत्सव का शुभारंभ 8 नवंबर को हुआ है और यह 11 नवंबर तक चलेगा।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भारत के विविध जनजातीय समुदायों की जनजातीय फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को बढ़ावा देना और उनका उत्सव मनाना है। यह 'ट्राइबल फ्रेम्स मणिपुर : राष्ट्रीय जनजातीय फिल्म महोत्सव 2025 सह राज्य स्तरीय जनजातीय कार्निवल" के नाम से आयोजित किया जा रहा है।
श्री बाजपेयी ने बताया कि राष्ट्रीय जनजातीय फिल्म महोत्सव 2025 में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर का प्रतिनिधित्व करने वाली 23 जनजातीय फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
इस महोत्सव में छह फीचर फिल्में, दो वृत्तचित्र, चौदह लघु फिल्में और एक एनीमेशन फिल्म शामिल है, जो रानी गाइदिन्ल्यू के जीवन पर आधारित 15 मिनट की एनएफडीसी प्रोडक्शन है। उल्लेखनीय है कि रानी गाइदिन्ल्यू का जन्म मणिपुर में हुआ था और वह नागालैंड के नागा आंदोलन से जुड़ी थीं। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था।
इस महोत्सव में जनजातीय फिल्मों पर विमर्श करने के लिए एक ओर जहां 16 राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और 27 राज्य प्रतिनिधियों को बुलाया गया है, वहीं पांच आदिवासी फिल्म मंचों और संघों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। इस चार दिवसीय कार्यक्रम में दो मास्टरक्लास, पैनल चर्चाएं और फिल्म निर्माताओं व सांस्कृतिक विशेषज्ञों के साथ दो 'इन-कन्वर्सेशन' सत्र भी शामिल होंगे। इसमें 12 नवंबर को उद्घाटन समारोह में फिल्मों का प्रदर्शन होगा, जबकि 15 नवंबर को समापन समारोह जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा के साथ होगा।
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