इम्फाल , फरवरी 20 -- मणिपुर में वरिष्ठ पत्रकार खोइराम लोयलाक्पा पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में शुक्रवार को पत्रकारों ने इम्फाल के केइशामपट क्षेत्र में धरना प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

धरने में ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) और एडीटर्स गिल्ड ऑफ मणिपुर (ईजीएम) के सदस्य सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए उन्होंने राज्य में पत्रकारों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग उठाई।

पत्रकार संगठनों ने आरोप लगाया कि राज्य में मीडिया कर्मियों पर हमले और धमकियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

प्रदर्शन के बाद पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर 18 फरवरी को हुए हमले का उल्लेख किया। ज्ञापन के अनुसार, 'नाहरोलगी थौडांग' के संपादक खोइराम लोयलाक्पा पर अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर गोली चलाई और उन्हें बुरी तरह पीटा।

गंभीर रूप से घायल लोयलाक्पा का इलाज जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस), इम्फाल में चल रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि यह घटना राज्य में कार्यरत पत्रकारों के खिलाफ हिंसा का एक और उदाहरण है। पत्रकार संगठनों ने बताया कि लोयलाक्पा समेत कई मीडिया कर्मियों को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे न केवल उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

प्रदर्शनकारियों ने याद दिलाया कि इससे पहले भी पुलिस महानिदेशक को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज्ञापन दिया गया था, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके चलते असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

पत्रकार संगठनों ने सरकार से समयबद्ध तरीके से एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने तथा दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, राज्यभर में कार्यरत पत्रकारों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल, खतरा आकलन तंत्र और सरकार- पत्रकार संगठनों के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया।

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