इंफाल , नवंबर 04 -- मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर इंफाल से हवाई उड़ान में भारी गिरावट का समाधान करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

राज्यपाल ने मंगलवार को हवाई संपर्क में भारी गिरावट पर गहरी चिंता व्यक्त की जिसके कारण राज्य के लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

राज्यपाल ने अपने पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला कि इंफाल और गुवाहाटी के बीच दैनिक उड़ानों की संख्या पांच से घटकर केवल दो रह गई है तथा सुबह या देर शाम के लिए कोई उड़ान नहीं है। इसी प्रकार, इंफाल और कोलकाता के बीच उड़ानों की संख्या पांच से घटकर दो हो गई है जो केवल सुबह 09:15 बजे और 11:55 बजे के लिए निर्धारित हैं और शाम को हवाई यात्रा का कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं में अचानक कमी से गतिशीलता और पहुंच पर गंभीर असर पड़ा है, विशेषकर मणिपुर की भौगोलिक एवं अवसंरचनात्मक चुनौतियों के मद्देनजर।

उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों का मौसम मणिपुर में यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण समय है क्योंकि छात्र शैक्षणिक अवकाश के दौरान घर वापस लौटते हैं और कई लोग प्रमुख शहरों में चिकित्सा परामर्श लेने जाते हैं। उड़ानों की संख्या में कमी होने से हवाई किराए में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है जिससे कई लोगों के लिए यात्रा करना पहुंच से बाहर और बहुत कठिन हो गया है।

राज्यपाल ने कहा कि अगर हवाई सेवाओं में जारी व्यवधान का तुरंत समाधान नहीं किया गया तो इससे जनता में असंतोष फैल सकता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि नियमित उड़ानें बहाल हों और उनका विस्तार हो, विशेषकर गुवाहाटी और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए। उन्होंने हवाई संपर्क को राज्य की आवश्यक जीवन रेखा बताते हुए मणिपुर के लोगों की गतिशीलता, अर्थव्यवस्था और कल्याण की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग देने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में रेल संपर्क का अभाव है और भूस्खलन, बाढ़ और खराब मौसम के कारण सड़क यात्रा प्रायः बाधित रहती है। निवासियों, छात्रों और मरीजों के लिए लंबी दूरी की यात्रा का एकमात्र विश्वसनीय साधन हवाई यात्रा ही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित