पटना , अप्रैल 13 -- ्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के विशेष सचिव उपेन्द्र प्रसाद एवं राज्य के श्रमायुक्त राजेश भारती की उपस्थिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मॉनीटर धनंजय टिंगल एवं संबधित विभागों के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थानों के साथ सोमवार को बैठक आयोजित की गई। बंधुआ मजदूरी एवं बालश्रम से संबंधित यह राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस दौरान श्री टिंगल ने बताया कि विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रयास से अन्य राज्यों से विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों की प्रविष्टि सीएलटीएस पोर्टल में कई बार सही तरीके से नहीं हो पाती है। इसके कारण कई बच्चे पुनर्वास से संबंधित सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं,जबकि बिहार में यह कार्य किया जा रहा है और सभी स्तर के पदाधिकारी इसके लिए क्रियाशील हैं, जो सराहनीय है।

इस बैठक में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की तरफ से बंधुआ मजदूरी एवं बालश्रम से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति की गई। इसमें वर्षवार उपलब्धि और बाल श्रम विमुक्त बिहार बनाए जाने की दिशा में विभाग के स्तर से उठाए गए कदम की जानकारी दी गई।

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