कोलकाता , अप्रैल 09 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बंगाली खान-पान का विरोधी होने और सत्ता में आने पर मछली खाने पर पाबंदी लगाने संबंधी तृणमूल कांग्रेस के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए गुरुवार को कहा कि भाजपा मछली सेवन के खिलाफ नहीं है बल्कि वह मछली उत्पादन बढ़ाने और मछुआरों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में गुरुवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि पूर्वी मेदिनीपुर में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन राज्य अभी भी इस मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो पाया है। उन्होंने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "पिछले 11 वर्षों में देश में मछली उत्पादन दोगुना हो गया है, लेकिन बंगाल में तृणमूल सरकार के कारण यह प्रगति रुक गई है।"भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए श्री मोदी ने कहा कि बिहार में मछली उत्पादन दोगुना हो गया है और अब उन्हें आयात करने की जरूरत नहीं पड़ती। असम भी आत्मनिर्भर बन गया है। उन्होंने दावा किया कि जहाँ भी भाजपा की सरकार है, वहाँ मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2020 में शुरू की गई 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' (पीएमएमएसवाई) ने देश में मछली उत्पादन को काफी बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि इस योजना के नाम में 'पीएम' जुड़ा है, इसलिए तृणमूल कांग्रेस को इससे दिक्कत है और वे इसे बंगाल में पूरी तरह लागू नहीं होने दे रहे हैं, जिसका नुकसान आम जनता को हो रहा है।
पश्चिम बंगाल में 'डबल इंजन सरकार' की वकालत करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आते ही केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा और बंगाल मछली एवं समुद्री भोजन के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने हल्दिया बंदरगाह को 'ब्लू इकोनॉमी ज़ोन' में बदलने का वादा किया और मछुआरों के लिए बजट आवंटन बढ़ाने तथा किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं पर जोर दिया।
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