पटना , मार्च 24 -- िहार सरकार का कृषि विभाग मगही और देशी पान की खेती करने वाले किसानों को सहायता अनुदान दे रहा है।
विभाग के उद्यान निदेशालय ने पान विकास योजना के तहत दिए जाने वाले सहायता अनुदान के लिए किसानों से आवेदन आमंत्रित किया है।
इस योजना के अनुसार किसानों को प्रति 100 वर्ग मीटर अधिकतम 11,750 रुपए का सहायता अनुदान मिलेगा। कृषि विभाग की इस पहल से पान उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
सहायता अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन की तिथि 20 मार्च से 20 अप्रैल 2026 तक है। किसान विभागीय आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "पान विकास योजना" सेक्शन में विवरण भरकर आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए डीबीटी पंजीकरण अनिवार्य है।
यह योजना मुख्य रूप से जीआई टैग प्राप्त मगही पान और देशी पान की खेती के क्षेत्र विस्तार पर केंद्रित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक के लिए यह योजना है। इस योजना का लाभ 12 जिलों के किसान उठा सकते हैं। इन जिलों में औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, वैशाली, नालंदा, नवादा, सारण, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मुंगेर और दरभंगा शामिल हैं।
योजना के लाभुकों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक लाभुक परिवार से केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकेगा। पान की बारी के लिए पौध रोपण एवं अन्य सामग्री की व्यवस्था किसान स्वयं करेंगे, जबकि अनुदान सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिला उद्यान पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
माना जा रहा है कि कृषि विभाग की यह योजना राज्य के पारंपरिक पान उत्पादन को मजबूत करने और छोटे-मझोले किसानों को आर्थिक सहारा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ मगही और देशी पान की खेती का दायरा बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी इससे बढ़ोतरी होगी।
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