वाराणसी , जनवरी 10 -- मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं सेवा के लिए इस बार नगर निगम ने अनूठी मिसाल पेश की है। राजघाट, दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालुओं को गर्मागर्म चाय पिलाई जाएगी। विशेष बात यह है कि इस सेवा कार्य का बोझ सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा, बल्कि महापौर एवं नगर निगम के अधिकारी अपने व्यक्तिगत कोष से इसका खर्च वहन करेंगे।
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में शनिवार को तैयारियों की समीक्षा के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपने निजी कोष से 5000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान करते हुए अधिकारियों को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। महापौर की इस पहल का अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक समर्थन किया और अपने वेतन तथा निजी बचत से इस पुनीत कार्य में योगदान देने का संकल्प लिया।
बैठक में महापौर ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए निर्देश दिया कि प्रमुख घाटों के साथ-साथ उन रास्तों पर भी भारी संख्या में अलाव जलाए जाएं, जहां से श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक होता है। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं को ठंड से बचाने के लिए घाटों पर अलाव की निरंतरता बनी रहनी चाहिए। वहीं, महिला श्रद्धालुओं की गरिमा और सुविधा के लिए घाटों पर पर्याप्त अस्थायी चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित