बीकानेर , दिसम्बर 31 -- राजस्थान में बीकानेर के जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी के लिए धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा (सामान्य प्रचलित भाषा में चीनी मांझा) के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जो धारदार और विद्युत सुचालक होता है। जिससे दुपहिया वाहन चालकों और पक्षियों को जानमाल के नुकसान की आशंका रहती है। विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचता है और विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने की संभावना भी रहती है।

सूत्रों ने बताया कि इसके मद्देनजर 'धातु निर्मित मांझा' के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया गया है। आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के माझों का भण्डारण, विक्रय, परिवहन और उपयोग करेगा तो उसके विरूद्ध कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि इसके साथ ही पक्षियों के विचरण का समय सुबह छह बजे से आठ बजे एवं सायं पांच बजे से सात बजे के मध्य होता है। लिहाजा इस अवधि के दौरान पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।

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