भोपाल , जनवरी 13 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, नगरीय अधोसंरचना और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री टैबलेट के साथ शामिल हुए।
मंत्रि-परिषद ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू करने की स्वीकृति दी। इस पर 322 करोड़ 34 लाख रुपये का व्यय होगा।
द्वितीय चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक विद्यार्थियों की होगी।
सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
मंत्रि-परिषद ने जिला मऊगंज की घटना में शहीद हुए सहायक उप निरीक्षक स्व. रामचरण गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि देने का निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है।
ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट देने की भी स्वीकृति दी गई।
प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें 300 मेगावाट चार घंटे, 300 मेगावाट छह घंटे तथा 200 मेगावाट 24 घंटे विद्युत आपूर्ति क्षमता वाली ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं, जिससे पीक डिमांड के समय भी सस्ती और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
राजगढ़ एवं रायसेन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई। इसमें राजगढ़ जिले की मोहनपुरा विस्तारीकरण परियोजना, रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन तथा बारना उद्वहन सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं, जिससे हजारों कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू करने की स्वीकृति दी। इस नीति से अगले पांच वर्षों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 8,000 रोजगार सृजित होने की संभावना है। नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी।
प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए "मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण" को तीन वर्षों के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके तहत सड़क निर्माण, पेयजल, सीवरेज, यातायात सुधार सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद समिति गठन की भी स्वीकृति प्रदान की।
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