भोपाल , मार्च 10 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की आगामी पांच वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई है। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए तीन वर्षों में लगभग 190 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। कार्यक्रम के संचालन के लिए लोक सेवा प्रबंधन विभाग को आवश्यक प्रक्रिया निर्धारित करने और क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश वृत्तिकर अधिनियम 1995 के अंतर्गत निःशक्तजनों को वृत्तिकर से मिलने वाली छूट को 31 मार्च 2030 तक जारी रखने की स्वीकृति भी प्रदान की है।
बैठक में एक जिला-एक उत्पाद परियोजना के अंतर्गत सात जिलों में पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण, विकास और विपणन के लिए आगामी पांच वर्षों में 37 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें सीधी जिले में दरी और कारपेट, दतिया में गुड़, अशोकनगर में चंदेरी हाथकरघा वस्त्र, भोपाल में जरी-जरदोजी और जूट उत्पाद, धार में बाग प्रिंट, सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट को शामिल किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने सिंगरौली जिले के चितरंगी में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित सात नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है।
इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत मैहर, कैमोर (कटनी) और निमरानी (खरगोन) में तीन नए औषधालय खोलने तथा चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई है। इन औषधालयों से पंजीकृत 15 हजार 686 श्रमिकों और उनके लगभग 62 हजार 744 आश्रितों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं के संचालन और विकास कार्यों के लिए भी कई वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गईं, जिनमें ग्रामीण अवसंरचना, पेयजल आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी, जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की योजनाएं शामिल हैं।
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