उज्जैन , जनवरी 06 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन में मंगल दोष निवारण के लिए प्रसिद्ध भगवान मंगलनाथ मंदिर में प्रतिदिन होने वाली भात पूजा एवं विभिन्न अनुष्ठानों से वर्ष 2025 के दौरान मंदिर प्रबंध समिति को 5 करोड़ रुपए से अधिक की आय प्राप्त हुई है।
श्री मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के. के. पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि पवित्र शिप्रा नदी के तट पर स्थित मंगल ग्रह की उत्पत्ति स्थली भगवान मंगलनाथ के मंदिर में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रतिदिन प्रातःकाल आरती के पश्चात सुबह 7 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक निर्धारित समय-सीमा में लगातार भात पूजा एवं अन्य अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर में भूमि प्राप्ति, धन प्राप्ति, शीघ्र विवाह, यश प्राप्ति, मंगल दोष निवारण एवं विभिन्न रोगों से मुक्ति के लिए यजमान भात पूजा सहित अन्य पूजन कराते हैं। इन पूजाओं को मंदिर के विद्वान पंडितों एवं आचार्यों द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। सभी पूजनों की कंप्यूटरीकृत एवं मैन्युअल शासकीय रसीदें मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी की जाती हैं।
प्रशासक ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में मंदिर समिति को कुल 5 करोड़ 46 लाख 17 हजार 595 रुपए की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त जिन दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन की आवश्यकता होती है, उनके लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपए शुल्क पर विशेष दर्शन पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
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