श्रीगंगानगर , अप्रैल 10 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के एक पटवारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियमके एक गंभीर मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्ध पाये जाने के बाद तहसील भादरा के पटवारी जगवीर सिंहको कलेक्टर डॉ खुशाल यादव ने राजकीय सेवा से पदच्युत कर दिया है।
उच्च न्यायालय में लंबित अपील के बावजूद दोषसिद्धि को स्थगित न किये जाने के आधार पर उन्हें सेवा मेंबनाये रखना अवांछनीय माना गया।
सत्र न्यायाधीश, विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रकरण), श्रीगंगानगर ने 28 नवंबर 2025 को दिये फैसले में जगवीर सिंह को दो अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे पहले मामले मेंदो वर्ष का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड तथा दूसरे मामले में तीन वर्ष का सश्रम कारावास और सात हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया था।
इस फैसले के खिलाफ जगवीर सिंह ने राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील दायर की। उच्च न्यायालय ने सजाको अपील के अंतिम फैसले तक स्थगित कर दिया, लेकिन दोषसिद्धि को स्थगित नहीं किया। इसी कानूनी आधार पर जिला कलेक्टर ने राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-1958 के नियम 19 (1) और राज्य सरकार के संबंधित परिपत्र के प्रावधानों के तहत दोषसिद्धि बरकरार रहने उसकोसेवा में रखना उचित नहीं माना जाता।
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