चेन्नई , फरवरी 20 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने स्थानांतरण, नियुक्तियों और निविदा आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर तमिलनाडु के नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति मंत्री के.एन. नेहरू के खिलाफ शुक्रवार को सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय को आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने संबंधित याचिकाओं पर आदेश पारित करते हुए कहा कि मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं।
पीठ ने माना कि ईडी ने जो सामग्री रखी है वह संज्ञेय अपराधों का खुलासा करती है, इसलिए इस मामले में किसी प्रारंभिक जांच की आवश्यकता नहीं है और प्राथमिकी तुरंत दर्ज की जानी चाहिए।
ईडी ने निदेशालय को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि नगर प्रशासन विभाग में सहायक इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर और स्वच्छता निरीक्षक जैसे 2,538 पदों पर नियुक्तियों के बदले लगभग 634 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई थी। ईडी के इसी पत्र के आधार पर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्ना द्रमुक) सांसद आई.एस. इनबादुरई और मदुरै के एक सामाजिक संगठन के अध्यक्ष के. अथि नारायणन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक को मामला दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी।
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