जालंधर , अप्रैल 28 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्वेत मलिक ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर जो बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है, उसे पार्टी में भारी टूट के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण कथित आप में भ्रष्टाचार और पार्टी के भीतर संयोजक अरविंद केजरीवाल की तानाशाही के विरुद्ध असंतोष है।

श्री मलिक ने आप से दुखी होकर भाजपा में आये सांसदों को गद्दार जैसा असंसदीय अपशब्द कहने पर श्री केजरीवाल से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या अन्य पार्टियों से आप में आये मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब आप पार्टी अध्यक्ष एवं मंत्री अमन अरोड़ा भी गद्दार है ?उन्होंने बताया कि भाजपा में शामिल हुए आप के सात राज्यसभा सांसदों ने भी आप में फैले भ्रष्टाचार के आरोप लगाये l उन्होंने श्री केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अन्ना हजारे जैसे संत का विश्वास तोड़ा है और उनके भ्रष्टाचार विरोधी आदर्शों को त्याग दिया है lश्री मलिक ने कहा यह आप के भीतर सत्ता, संसाधनों पर नियंत्रण और वैचारिक मतभेदों की लड़ाई है, न कि केवल वैचारिक मतभेद। आप के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है और पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता अब खुद को असहज महसूस कर रहे हैं, जिसके कारण वे अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। भाजपा हमेशा उन नेताओं का स्वागत करती है, जो राष्ट्रहित में काम करना चाहते हैं और पारदर्शिता तथा सुशासन में विश्वास रखते हैं।

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