भोपाल , दिसंबर 4 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बड़े तालाब में आज गुरुवार से श्रीनगर की डल झील जैसे 20 शिकारे शुरू हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया और खुद शिकारे में बैठकर सैर का आनंद लिया। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहे।

सैर के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकारा-बोट रेस्टॉरेंट से चाय, पोहा, समोसे और फल का नाश्ता किया तथा फ्लोटिंग बोट मार्केट से साड़ी और जैकेट भी खरीदी। सीएम ने इन शिकारों को वॉटर टूरिज्म के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसकी सराहना की। इन 20 शिकारों का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। हर शिकारे में 4 से 6 लोग बैठ सकेंगे। चार लोगों के लिए 20 मिनट का किराया 300 रुपए और छह लोगों के लिए 450 रुपए तय किया गया है। सुबह 9 बजे से सूर्यास्त तक इनका आनंद लिया जा सकेगा। शिकारे पर्यावरण अनुकूल 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' (एफआरपी) तकनीक से तैयार किए गए हैं, जो जल प्रदूषण नहीं करते। इन्हें अंतरराष्ट्रीय संस्था ने तैयार किया है, जिसने केरल, बंगाल और असम में भी ऐसे शिकारे बनाए हैं।

सैर के दौरान पर्यटक शिकारे से हैंडीक्राफ्ट, स्थानीय व्यंजन, ऑर्गेनिक सब्जियां, फल खरीद सकेंगे और बर्ड वॉचिंग का आनंद भी ले सकेंगे। दूरबीन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। सरकार ने सभी विधायकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया था, लेकिन कांग्रेस की ओर से केवल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि अच्छा काम हो तो उसकी सराहना की जानी चाहिए। बता दें कि एनजीटी ने पहले क्रूज और मोटर बोट संचालन पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद अब तालाब में केवल शिकारे ही चलेंगे। इससे पहले जून 2024 में एक शिकारा परीक्षण के तौर पर चलाया गया था।

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