धार , जनवरी 20 -- ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को नियमित सत्याग्रह आयोजित हुआ। बसंत पंचमी उत्सव के नजदीक होने के कारण इस बार सत्याग्रह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हवन, पूजन और सुंदरकांड के पाठ के साथ परिसर 'जय श्री राम' और 'माँ वाग्देवी की जय' के उद्घोष से गूंज उठा।

इस दौरान भोजशाला के गर्भगृह में माँ वाग्देवी का चित्र स्थापित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। सत्याग्रह में देवास से पधारे कृष्ण गोपाल दास जी महाराज, बलाई समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार, भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। सुबह से ही हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में भोजशाला पहुँचना शुरू हो गए थे। पूजन के पश्चात सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया गया। सत्याग्रहियों ने भोजशाला की मुक्ति और माँ वाग्देवी की प्रतिमा की पुनर्स्थापना का संकल्प दोहराया।

दरअसल 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व है और इसी दिन शुक्रवार जुम्मा होने के कारण नमाज और पूजा के समय को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से वर्तमान में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भोजशाला मुक्ति समिति ने हिंदू समाज से 23 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में भोजशाला पहुँचने का आह्वान किया है। प्रति मंगलवार आयोजित होने वाले नियमित सत्याग्रह में इस बार सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। हनुमान चालीसा पाठ के साथ भजन-कीर्तन भी किए गए। उल्लेखनीय है कि भोजशाला की मुक्ति एवं माँ वाग्देवी की स्थापना को लेकर वर्ष 2003 से गर्भगृह में नियमित सत्याग्रह जारी है।

सत्याग्रह में शामिल कृष्ण गोपाल दास जी महाराज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वर्ष में यदि एक दिन पूजा का अवसर मिलता है, तो उस दिन भोजशाला में अखंड पूजा ही होगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में नमाज के लिए अलग स्थान आवंटित किया गया है, उसी तरह धार में भी नमाज के लिए अन्य स्थान निर्धारित किया जाए। हमारा संकल्प अखंड पूजा का है और वह अवश्य पूरा होगा।

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